आरपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर (संस्कृत) परीक्षा राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा संस्कृत शिक्षा विभाग में 200 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की जाती है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा (200 अंक) और इंटरव्यू (24 अंक) शामिल हैं। लिखित परीक्षा में तीन पेपर होते हैं:
- पेपर I: पद से संबंधित विषय (75 अंक, 3 घंटे)
- पेपर II: पद से संबंधित विषय (75 अंक, 3 घंटे)
- पेपर III: राजस्थान का सामान्य अध्ययन (50 अंक, 2 घंटे)
उम्मीदवारों को प्रत्येक पेपर में न्यूनतम 36% अंक और लिखित परीक्षा के कुल योग में 40% अंक प्राप्त करने होंगे ताकि वे इंटरव्यू के लिए योग्य हो सकें। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उम्मीदवारों के लिए 5% की छूट प्रदान की जाती है।
- परीक्षा मोड: वस्तुनिष्ठ प्रकार (OMR-आधारित)
- निगेटिव मार्किंग: गलत उत्तर या अनुत्तरित प्रश्नों के लिए एक-तिहाई (1/3) अंक काटे जाएंगे।
- पात्रता: आचार्य/मास्टर डिग्री के साथ 55% अंक और NET/SLET/SET योग्यता (या UGC मानदंडों के अनुसार Ph.D. छूट)।
- भाषा आवश्यकता: देवनागरी लिपि में हिंदी का कार्यसाधक ज्ञान और राजस्थानी संस्कृति का ज्ञान।
संस्कृत-विशिष्ट विषयों का सिलेबस उम्मीदवार द्वारा चुनी गई विशेषज्ञता के आधार पर भिन्न होता है। नीचे उच्च वेटेज वाले विषयों के लिए एक सामान्यीकृत संरचना दी गई है:
| विषय |
उप-विषय |
| वैदिक साहित्य |
ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद, ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद |
| शास्त्रीय संस्कृत साहित्य |
महाकाव्य (रामायण, महाभारत), पुराण, काव्य (कालिदास, भास, भवभूति) |
| संस्कृत नाटक |
नाटक, प्रकरण, भाण, व्यायोग, डीम, अंक |
| अलंकार शास्त्र |
रस, ध्वनि, रीति, गुण, दोष, अलंकार |
| संस्कृत काव्यशास्त्र |
काव्य लक्षण, काव्य प्रकार, छंद |
| आधुनिक संस्कृत साहित्य |
समकालीन संस्कृत रचनाएँ, संस्कृत पत्रकारिता, अनुवाद |
| विषय |
उप-विषय |
| पाणिनीय व्याकरण |
अष्टाध्यायी, सूत्र, संधि, समास, कारक, विभक्ति |
| निरुक्त |
व्युत्पत्ति, यास्क का निरुक्त, वैदिक शब्द विश्लेषण |
| शिक्षा |
ध्वनिविज्ञान, उच्चारण, स्वराघात |
| छंद |
छंदशास्त्र, वैदिक और शास्त्रीय छंद |
| भाषाविज्ञान |
ऐतिहासिक भाषाविज्ञान, तुलनात्मक व्याकरण |
| विषय |
उप-विषय |
| न्याय |
तर्कशास्त्र, ज्ञानमीमांसा, तर्क संग्रह |
| वैशेषिक |
परमाणु सिद्धांत, पदार्थ, पदार्थ |
| सांख्य |
पुरुष-प्रकृति, विकास, गुण |
| योग |
पतंजलि के योग सूत्र, अष्टांग योग |
| वेदांत |
अद्वैत, विशिष्टाद्वैत, द्वैत, उपनिषदिक दर्शन |
| मीमांसा |
कर्मकांड, जैमिनी के मीमांसा सूत्र |
| विषय |
उप-विषय |
| मनुस्मृति |
सामाजिक कानून, धर्म, वर्णाश्रम धर्म |
| याज्ञवल्क्य स्मृति |
नागरिक और आपराधिक कानून, विवाह, उत्तराधिकार |
| अर्थशास्त्र |
शासन कला, अर्थशास्त्र, प्रशासन |
| नैतिकता |
धर्म, कर्म, मोक्ष, पुरुषार्थ |
| विषय |
उप-विषय |
| सिद्धांत ज्योतिष |
गणितीय खगोल विज्ञान, ग्रह-गति, नक्षत्र |
| फलित ज्योतिष |
होरोस्कोपी, भविष्यफल, मुहूर्त |
| वेदांग ज्योतिष |
वैदिक खगोल विज्ञान, कैलेंडर प्रणाली |
| विषय |
उप-विषय |
| पतंजलि योग सूत्र |
अष्टांग योग, समाधि, साधना |
| हठ योग |
आसन, प्राणायाम, मुद्रा, बंध |
| योग दर्शन |
सांख्य और वेदांत के साथ योग का एकीकरण |
| विषय |
उप-विषय |
| संस्कृत गद्य और पद्य |
शास्त्रीय और आधुनिक गद्य, पद्य विश्लेषण |
| संस्कृत रचना |
पत्र लेखन, निबंध लेखन, अनुवाद |
| संस्कृत भाषा कौशल |
व्याकरण, शब्दावली, समझ |
| विषय |
उप-विषय |
| राजस्थान का इतिहास |
प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक राजस्थान, स्वतंत्रता संग्राम |
| राजस्थान का भूगोल |
भौतिक विशेषताएँ, जलवायु, प्राकृतिक संसाधन, कृषि |
| राजनीति और प्रशासन |
राजस्थान विधानसभा, पंचायती राज, जिला प्रशासन |
| राजस्थान की अर्थव्यवस्था |
कृषि, उद्योग, पर्यटन, हस्तशिल्प |
| कला और संस्कृति |
लोक संगीत, नृत्य, त्योहार, वास्तुकला, चित्रकला |
| समसामयिकी |
राजस्थान में हालिया घटनाक्रम, सरकारी योजनाएँ |
| राजस्थानी संस्कृति |
परंपराएँ, रीति-रिवाज, भाषाएँ, साहित्य |
- वैदिक साहित्य: ऋग्वेद, उपनिषद, और वैदिक अनुष्ठान।
- शास्त्रीय संस्कृत साहित्य: कालिदास, भास, और भवभूति के रचनाएँ।
- पाणिनीय व्याकरण: अष्टाध्यायी, संधि, समास, और कारक सिद्धांत।
- संस्कृत काव्यशास्त्र: रस सिद्धांत, ध्वनि, और अलंकार।
- दर्शन: न्याय, सांख्य, और वेदांत दर्शन।
- धर्मशास्त्र: मनुस्मृति और याज्ञवल्क्य स्मृति।
- ज्योतिष: सिद्धांत ज्योतिष और फलित ज्योतिष।
- इतिहास: प्राचीन राज्य (मत्स्य, मारवाड़, मेवाड़), राजस्थान में स्वतंत्रता आंदोलन।
- भूगोल: अरावली पर्वतमाला, थार मरुस्थल, नदी प्रणालियाँ।
- राजनीति: पंचायती राज प्रणाली, जिला प्रशासन।
- अर्थव्यवस्था: कृषि (बाजरा, कपास), हस्तशिल्प (ब्लू पॉटरी, ब्लॉक प्रिंटिंग)।
- कला और संस्कृति: लोक नृत्य (घूमर, कालबेलिया), त्योहार (तीज, गणगौर)।
-
वैदिक और शास्त्रीय साहित्य:
- मूल ग्रंथों पर ध्यान दें (ऋग्वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत)।
- भाष्य का अध्ययन करें (जैसे, वेदों पर सायण, महाभारत पर नीलकंठ)।
- संस्कृत श्लोकों का अनुवाद और विश्लेषण अभ्यास करें।
-
व्याकरण (व्याकरण):
- पाणिनीय सूत्रों और उनके अनुप्रयोगों में महारत हासिल करें।
- संधि, समास, और कारक पर अभ्यास करें।
- मानक ग्रंथों का संदर्भ लें जैसे सिद्धांत कौमुदी और लघु सिद्धांत कौमुदी।
-
दर्शन (दार्शनिक विषय):
- न्याय, सांख्य, और वेदांत के मूल अवधारणाओं को समझें।
- विभिन्न विचारधाराओं की तुलना करें (अद्वैत बनाम द्वैत)।
- मूल ग्रंथों का अध्ययन करें (जैसे, न्याय सूत्र, योग सूत्र)।
-
धर्मशास्त्र और ज्योतिष:
- मनुस्मृति और याज्ञवल्क्य स्मृति में कानूनी सिद्धांतों पर ध्यान दें।
- सिद्धांत ज्योतिष में खगोलीय गणनाओं का अध्ययन करें।
- फलित ज्योतिष के लिए होरोस्कोप विश्लेषण का अभ्यास करें।
- इतिहास:
- प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास के लिए एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकें का उपयोग करें।
- राजस्थान-विशिष्ट पुस्तकों का संदर्भ लें (जैसे, ...